कोरोना -एक वैश्विक षडयंत्र
मैंने देखा न्यूज़ कि भारत मे कोरोना की वैक्सीन की खुराक मात्र 225 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी इसको लेकर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी में एक करार हुआ है। अब मजे की बात ये है कि ये दो फाउंडेशन एक ही आदमी चलाता है बिल गेट्स। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन गावी को 15 करोड़ डॉलर की मदद देगा वैक्सीन निर्माण में मतलब इनका पैसा घूम फिरकर इनके ही पास।
इनलोगो का दावा है कि शुरुआती परीक्षण सफल भी रहा है अंतिम परीक्षण अगस्त महीने के अंत मे हो जाएगा। इनका स्टेटमेंट पढ़ा जाए तो उसमे ये मिलेगा की दुनिया के गरीब देशों को नजर में रखते हुए ये कीमत तय की गई है ताकि आम जनता को आसानी से मुहैया कराई जा सके और ज्यादा से ज्यादा से लोगो को टपकाया जा सके और अपने मंसूबों को अंजाम दिया जा सके। इनके एजेंडा में भारत का स्थान पहले है जहां 10 करोड़ वैक्सीन की खुराक अगस्त के अंत तक देनी है। भाई तुम तुम्हारी वैक्सीन पहले वहां दो जहां से वायरस निकला पहली जरूरत उनको है।
तुम अमेरिका, ब्राजील, रूस, इजरायल इन सब देशों का नाम क्यों नही लेते। इनको पता है पश्चिमी देशों में विरोध प्रदर्शन किस तरह हो रहा है इनका और इनके नीतियों का ऐसे में एशिया ही इनके लिए कारगर जगह है। आप सब जागरूक हो एक सामान्य फ्लू को लेकर इतना बड़ा ड्रामा हुआ मुद्दा वैक्सीनशन था जो सफल होने जा रहा है ये आप सब भी समझ रहे है मगर हिम्मत नही कर रहे हो विरोध का अगर नही किये इनका विरोध तो तैयार हो जाइए अपनी जान गवाने के लिए।
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